“5 घंटे लेट SpiceJet SG 2473: बेहाल यात्री, न खाना मिला न पानी—कहाँ गए Passenger Rights

पाँच घंटे की देरी, बेहाल यात्री और गायब सुविधाएं!

SG 2473 के यात्रियों का सवाल — टिकट का पैसा पूरा, तो यात्री सुविधाएं आधी क्यों?

विशेष रिपोर्ट | Live India News24

दिल्ली से पटना जाने वाली SpiceJet की SG 2473 फ्लाइट में यात्रियों की परेशानी

19 अगस्त को दिल्ली से पटना जाने वाली SpiceJet की फ्लाइट SG 2473, जिसका निर्धारित प्रस्थान समय शाम 7:00 बजे था, यात्रियों के लिए भारी परेशानी का कारण बनी।

SpiceJet के आधिकारिक शेड्यूल के अनुसार SG 2473 दिल्ली–पटना सेक्टर पर शाम 7:00 बजे निर्धारित है।

यात्रियों के अनुसार फ्लाइट लगभग पाँच घंटे तक लेट हुई। लंबे इंतजार के कारण एयरपोर्ट पर यात्रियों की परेशानी बढ़ती गई। इनमें बुजुर्ग, महिलाएं, बच्चे और जरूरी काम से यात्रा करने वाले लोग भी शामिल थे।

लेकिन सबसे गंभीर सवाल केवल फ्लाइट के लेट होने का नहीं है।

सवाल है—पाँच घंटे इंतजार के दौरान यात्रियों के लिए भोजन और पानी की व्यवस्था कहाँ थी?

यात्री अधिकारों को लेकर SpiceJet की अपनी प्रकाशित Passenger Rights नीति स्पष्ट रूप से कहती है कि समय पर check-in कर चुके यात्रियों की फ्लाइट में देरी होने पर निर्धारित अवधि के अनुसार सुविधाएं दी जानी चाहिए।

SpiceJet की नीति के अनुसार:

2 घंटे तक की देरी — Drinking Water

2 से 4 घंटे की देरी — Tea/Coffee और Light Snacks/Refreshments

4 घंटे से अधिक की देरी — Meals

ऐसे में यदि SG 2473 के यात्रियों को वास्तव में लगभग पाँच घंटे तक इंतजार करना पड़ा और इस दौरान निर्धारित भोजन/refreshment उपलब्ध नहीं कराया गया, तो यह गंभीर सवाल खड़ा करता है कि यात्री सुविधा संबंधी प्रावधानों का पालन क्यों नहीं हुआ?

और ज्यादा गंभीर बात—स्टाफ से पूछने पर मिला जवाब

इस मामले में यात्रियों की परेशानी तब और बढ़ गई जब भोजन-पानी की व्यवस्था के बारे में एयरलाइन के स्टाफ से सवाल किया गया।

बताया गया कि जब यात्री ने स्टाफ से पूछा कि इतने लंबे delay में यात्रियों के लिए खाने-पीने की व्यवस्था क्यों नहीं की गई, तो स्टाफ की ओर से यह जवाब दिया गया कि “होता है, लेकिन यहाँ नहीं किया गया।”

यदि यह बातचीत वास्तव में इसी रूप में हुई है, तो यह केवल एक यात्री की शिकायत नहीं रह जाती।

यह सवाल बन जाता है कि:

अगर सुविधा देनी थी, तो दी क्यों नहीं गई?

और अगर नहीं देनी थी, तो यात्रियों को स्पष्ट रूप से नियम और कारण क्यों नहीं बताया गया?

एयरलाइन के अपने नियम बनाम जमीन पर हकीकत

यहाँ सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि भोजन और refreshment की व्यवस्था केवल किसी कर्मचारी की व्यक्तिगत कृपा नहीं बताई गई है।

SpiceJet की अपनी Passenger Rights policy में देरी की अवधि के हिसाब से सुविधाएं स्पष्ट रूप से दर्ज हैं।

इसलिए पाँच घंटे की देरी की स्थिति में यात्रियों को यह जानने का अधिकार है कि:

  • देरी कितनी दर्ज की गई?
  • देरी का आधिकारिक कारण क्या था?
  • यात्रियों को कब और कैसे इसकी सूचना दी गई?
  • क्या meals/refreshments उपलब्ध कराए गए?
  • यदि नहीं कराए गए तो उसका कारण क्या था?
  • क्या इस घटना की कोई internal service report तैयार की गई?
  • क्या यात्रियों की शिकायत दर्ज की गई?

सिर्फ “फ्लाइट लेट थी” कहकर जिम्मेदारी खत्म नहीं हो जाती

एयरलाइन के पास मौसम, तकनीकी समस्या, एयर ट्रैफिक, operational constraints अथवा अन्य असाधारण परिस्थितियों का कारण हो सकता है।

DGCA के नियम भी कुछ extraordinary circumstances में निर्धारित सुविधाओं के अपवाद की बात करते हैं। लेकिन ऐसे मामले में भी देरी की वास्तविक वजह और लागू प्रावधानों की स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है। DGCA के CAR में यह भी कहा गया है कि यात्री को देरी की सूचना कब दी गई, इसका प्रमाण देने का दायित्व operating airline पर होता है।

इसलिए यात्रियों का सवाल बिल्कुल सीधा है:

देरी का कारण जो भी हो, क्या यात्री सुविधा की व्यवस्था भी उसी के साथ गायब हो जानी चाहिए?

पाँच घंटे का इंतजार—यात्री के समय की कीमत कौन देगा?

हवाई यात्रा को अक्सर समय बचाने वाला माध्यम कहा जाता है।

लेकिन जब निर्धारित समय से कई घंटे की देरी हो जाए तो यात्री का समय, मानसिक परेशानी, आगे की यात्रा, परिवार से मिलने का कार्यक्रम, होटल/वाहन की बुकिंग और अन्य जरूरी काम प्रभावित होते हैं।

यात्री एयरलाइन को टिकट का पूरा भुगतान करता है।

तो फिर एयरलाइन की जिम्मेदारी भी केवल विमान को अंततः उड़ाने तक सीमित नहीं होनी चाहिए।

Passenger service का अर्थ केवल boarding pass और aircraft seat नहीं है।

एयरलाइंस के लिए बड़ा सवाल

यह घटना एक बड़े सवाल को जन्म देती है—

क्या Passenger Rights केवल वेबसाइट पर लिखे नियम हैं या एयरपोर्ट पर यात्रियों को वास्तव में उनका लाभ भी मिलता है?

क्योंकि यदि नियम लिखे हुए हैं, लेकिन ground staff तक उनकी implementation नहीं पहुंचती, तो नियमों की विश्वसनीयता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

SpiceJet स्वयं अपनी वेबसाइट पर passenger grievance redressal mechanism उपलब्ध कराता है और Civil Aviation Requirement से संबंधित शिकायतों के लिए Nodal Officer तथा Appellate Authority की व्यवस्था बताता है।

यात्रियों को क्या करना चाहिए?

ऐसी स्थिति में यात्रियों को:

  1. Boarding pass और ticket सुरक्षित रखना चाहिए।
  2. Flight delay का screenshot/notification रखना चाहिए।
  3. Airport display board की फोटो/वीडियो सुरक्षित रखना चाहिए।
  4. भोजन/पानी उपलब्ध नहीं कराए जाने की स्थिति में उसका रिकॉर्ड रखना चाहिए।
  5. Ground staff से शिकायत करने पर संभव हो तो complaint/reference number लेना चाहिए।
  6. एयरलाइन की grievance mechanism पर लिखित शिकायत करनी चाहिए।
  7. संतोषजनक समाधान न मिलने पर संबंधित aviation grievance mechanism/AirSewa के माध्यम से शिकायत आगे बढ़ाई जा सकती है। SpiceJet स्वयं AirSewa को अतिरिक्त grievance channel के रूप में सूचीबद्ध करता है।

हमारा सवाल SpiceJet से

SG 2473 में लगभग पाँच घंटे की देरी हुई तो यात्रियों को निर्धारित भोजन और refreshments क्यों नहीं उपलब्ध कराए गए?

क्या इस flight के यात्रियों को meal/refreshment दिया गया था?

यदि नहीं दिया गया, तो किस नियम या परिस्थिति के आधार पर नहीं दिया गया?

क्या airline ने इस घटना की कोई service report तैयार की है?

क्या यात्रियों की परेशानी के लिए कोई remedial action लिया गया?

इन सवालों का जवाब एयरलाइन को देना चाहिए।


निष्कर्ष

यह रिपोर्ट किसी एयरलाइन को बदनाम करने के लिए नहीं, बल्कि एक बुनियादी सवाल उठाने के लिए है—

“यात्री सिर्फ टिकट खरीदने वाला ग्राहक है या उसके अधिकार भी हैं?”

यदि एयरलाइन की अपनी Passenger Rights policy में चार घंटे से अधिक की देरी पर meal का प्रावधान है, तो पाँच घंटे तक परेशान यात्रियों को उस सुविधा से वंचित किए जाने की शिकायत की निष्पक्ष जांच और स्पष्ट जवाब जरूरी है।

हवाई यात्रा में देरी कभी-कभी अपरिहार्य हो सकती है।

लेकिन यात्री की गरिमा, सूचना और बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी अपरिहार्य नहीं होनी चाहिए।


Analyst View

Harsh Raj Pandey
Editor-in-Chief – Live India News24

यह मामला केवल SG 2473 की एक flight delay की घटना नहीं है। यह सवाल है कि देश में Passenger Rights की ground-level implementation कितनी गंभीरता से होती है।

अगर पाँच घंटे की देरी के बाद भी यात्रियों को भोजन-पानी जैसी निर्धारित सुविधा के लिए स्टाफ से पूछना पड़े और जवाब मिले कि व्यवस्था “होती है, लेकिन यहाँ नहीं हुई”, तो यह aviation sector के लिए आत्ममंथन का विषय है।

एयरलाइनें commercial business जरूर हैं, लेकिन यात्रियों का समय, पैसा और सम्मान भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

नियम वेबसाइट पर लिख देने से Passenger Rights सुरक्षित नहीं होते—उनका पालन एयरपोर्ट पर दिखाई देना चाहिए।

यात्री सवाल पूछेगा, तो एयरलाइन को जवाब देना ही होगा।

— Harsh Raj Pandey
Editor-in-Chief, Live India News24

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